गुस्सा क्या है?, गुस्से पर कैसे काबू पाएं? गुस्सा करना कैसे छोड़े?

गुस्सा क्या है?, गुस्से पर कैसे काबू पाएं? गुस्सा करना कैसे छोड़े?

गुस्सा हर किसी को आता है । किसी को कम तो किसी को ज्यादा । कुछ लोग अपने गुस्से को दबा जाते हैं तो कुछ लोग गुस्से को प्रकट कर देते हैं । कुछ तो गुस्से मे इतने पागल हो जाते हैं कि उनको संभालना मुश्किल हो जाता है । एक गणना के अनुसार दिन मे एक बार गुस्सा सबको आता है । कारण कुछ भी हो सकता है पर गुस्सा कम से कम एक बार तो आता ही है ।

अब प्रश्न ये उठता है कि आखिर गुस्सा है क्या? 

गुस्से की सरल परिभाषा : कुछ गलत या बुरा होने के कारण परेशान या नाराज होने की एक मजबूत भावना। वह भावना जो किसी को दूसरे लोगों को चोट पहुँचाना, चिल्लाना आदि करना चाहती है को क्रोध या गुस्सा कहते है। 

क्रोध तीन प्रकार के होते हैं जो यह आकार देने में मदद करते हैं कि हम उस स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करते हैं जो हमें गुस्सा दिलाती है। ये हैं: 

  • निष्क्रिय आक्रामकता, 
  • खुली आक्रामकता 
  • मुखर क्रोध। 

यदि आप क्रोधित हैं, तो सबसे अच्छा तरीका मुखर क्रोध है।

गुस्से के दुष्प्रभाव : क्रोध एक प्रतिक्रिया है जो इसे व्यक्त करने वाले पर भी चौतरफा वार करती है । क्रोध करने वाले का तन, मन,  ही नही बल्कि उसके रिश्ते और छवि भी आहत होते हैं । गुस्सा करने से निम्न प्रभाव देखने को मिलते है:

  • मन और शरीर का एक दूसरे पर प्रभाव पड़ता है
  • गुस्सा  आने पर दाँतो मे कंपन होने लगता है। इसका असर दाँतो पर पड़ता है।
  • रक्तचाप बढ़ जाता है।
  • कुछ लोगो मे ब्रेन हाइपर एक्टिविटी (दिमाग का बहुत तेज दौड़ना ) या ब्रेन फॉग (दिमाग के सोचने कि ताकत कम होना) के शिकार हो जाते है। 
  • आंतों के रोग की संभावना 
  • शरीर मे विटामिन्स की कमी हो जाती है।
  • रोग प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती है। 

गुस्सा आने के लिए जिम्‍मेदार हो सकते हैं ये 5 कारण

  • चिंता (Concern, worry or anxiety) चिंता क्रोध के सबसे आम कारणों में से एक है। …
  • शक्तिहीनता (powerlessness) क्रोध का एक और सामान्य कारण शक्तिहीनता है। …
  • अतीत की घटनाएं या आघात (Past Events or Trauma) …
  • दुख या शोक (Grief)

गुस्से के लक्षण:

किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है तौ जरूरी नहीं है कि मनुष्य के दिमाग मे उस दौरान कुछ चल रहा हो या कोई विचार आ रहे हो। अधिकतर देखने मे आता है कि जब गुस्सा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो विचार कम आते हैं और शरीर में हलचल ज्यादा होती है। सांस फूलने, थरथराहट महसूस होने, पसीना छूटने, अचानक सिरदर्द जैसी समस्याएं नजर आने लगती है। उस समय इंसान के विचार भावना में बदल जाते हैं जिसमें इंसान दांत पीसने लगता है. बड़बड़ाने लगता या साँसे फूलने लगती है। 

कई लोगों में बदले की भावना या पीड़ा बढ़ जाती है। बार-बार एक ही विचार चलता है। कई बार क्रोधित व्यक्ति का लगातार एक ही विचार पर मनन उसे रुला देता है या उसकी आवाज बहुत ऊंची हो जाती है याने वो चिल्लाकर बात करने लगता है।

गुस्से पर केसे काबू पाये / गुस्सा करना केसे छोड़े : 

गुस्से पर काबू पाना और गुस्सा करना केसे छोड़े ये एक बहुत ही गंभीर विषय हे क्योकि जेसा कि पहले भी कहा जा चुका है कि “गुस्सा हर किसी को आता है । किसी को कम तो किसी को ज्यादा। दिन मे कम से कम  एक बार तो गुस्सा आता ही है किसी न किसी बात पर” इस पर काबू पाने के लिए और गुस्सा करना छोड़ने के लिए हमे कई प्रकार के निम्न तरीके अपनाने होंगे। इन तरीको मे सभी प्रकार के तरीके बताए गए  है: 

  1. गहरी सांस ले और अच्छे समय को याद करे …
  2. जिस पर गुस्सा है उसकी मासूमियत के बारे में सोचे …
  3. परमात्मा का नाम जपे …
  4. क्रोध से होने वाले नुकसान को समझे
  5. ठंडा पानी पिये
  6. उल्टी गिनती गिने। 
  7. कोई इत्र, डीओ, खुशुबूदार फूल सूंघे 
  8. संगीत सुनें …
  9. मैडिटेशन करें मैडिटेशन का अभ्यास करने से गुस्सा कम करने में मदद मिल सकती है । …
  10. चुप रहें …
  11. अच्छी नींद ले

अगर आप योग मे विश्वास रखते है तौ गुस्से को कंट्रोल करने के लिए निम्न 5 बेस्ट योगासन ट्राई कर  सकते है: 

  1. सर्वांगासन योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधा लेट जाएं। …
  2. भ्रामरी सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठें। …
  3. अनुलोम-विलोम प्राणायाम पद्मासन में बैठें और एक हाथ के घुटने पर रखें। …
  4. सुखासन …
  5. मार्जरी आसन

अगर आप मंत्रो मे विश्वास रखते है तौ निम्न गुस्सा कम करने का मंत्र का जप भी कर सकते है: 

           ॐ गतक्रोधाय नम:

वैदिक विधान के अनुसार इस अचूक मंत्र का प्रतिदिन 108 बार 5 मालाओं में जप करना चाहिए। दरअसल प्राचीन ऋषि और आधुनिक विज्ञान का भी यही मानना है कि मस्‍तिष्‍क की तंत्रिकाओं के जरिए गुस्‍से पर ना सिर्फ काबू पाया जा सकता है, बल्‍कि अपनी खुशियों को बढ़ाया भी जा सकता है।

सारांश: हमने ऊपर ये जाना कि गुस्सा क्या है?, गुस्से के प्रकार कितने है?, गुस्से के दुष्प्रभाव क्या है?, गुस्सा आने के संभावित कारण क्या है? गुस्से के लक्षण क्या है? गुस्से पर कैसे काबू पाये व गुस्सा करना केसे छोड़े। ऊपर बताई गई जानकारी का उपयोग करे और गुस्से पर कंट्रोल करे। 

ये तो हमने जान लिया कि गुस्सा हमारे लिए हानीकारक है  पर कई बार नियंत्रित गुस्सा करना भी निम्न कारणो से जरूरी हो जाता है: 

  • जिन्हें गुस्सा करना नहीं आता हैं। अपने या पराये , उनकी कभी परवाह नहीं करते। क्योंकि आपके रूठने का डर किसी को नहीं होता।
  • आपका गुस्सा न करना , कभी कभी सामने वाले के गलत काम को सही करार दे देता हैं।
  • अनुशासन बनाये रखने के लिया गुस्सा होना ज़रुरी हैं। नहीं तो , अनुशासनहीनता का दोषी आपको ही बनाया जाता हैं।

इसीलिए उपरोक्त बातो का ध्यान रखते हुये अगर जरूरी हो जाए तो नियंत्रित गुस्सा आप कर सकते  है । 

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6 Comments

  1. आपका लेख बहुत ही आसान शब्दों में बहुत कुछ कह देता है। आप धन्यवाद के पात्र हैं।

    1. राहुल जी !मुझे खुशी है कि आपको मेरा ब्लाग पसंद आया। आपका बहुत बहुत धन्यवाद। आगे भी आप मेरे ब्लाग पढ़ते रहे।

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