मन घबराये तो क्या करे?

मन घबराये तो क्या करे?
मन घबराये तो क्या करे?

मन घबराये तो क्या करे?

मन यू तो चंचल होता है कभी हवा मे उड़ता है तो कभी एकदम जमीन या जमीन के नीचे चला जाता है। मन जब हवा मे उड़ता है तो हम प्रसन्न होते है और जब मन जमीन या जमीन के नीचे आ जाता है तो  हमे घबराहट होती है। घबराहट एक मानसिक और भावनात्मक समस्या है लेकिन इसके लक्षण शारीरिक तौर पर नजर आते हैं। घबरहाट का अर्थ है किसी बात के होने या होने की संभावना को लेकर डरना या परेशान महसूस करना. घबराया हुआ व्यक्ति तनाव में रहता है और हर वक्त चिंतित रहता है. समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर इसका इलाज करना बहुत जरूरी होता है.

अगर आपको लगातार घबराहट होने की समस्या बनी रहती है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. 

घबराहट के लक्षण :

  • स्पष्ट और तीव्र घबराहट
  • धुकधुकी या बढ़ी हुई हृदय गति
  • पसीना आना
  • कंपन या थरथराना
  • मांसपेशियों में तनाव
  • धुंधली दृष्टि
  • सांस की तकलीफ या दम घुटने का अनुभव
  • श्वासरोधन का अनुभव होना
  • चेहरा सफ़ेद पड़ जाना
  • गला सुखना
  • आवाज़ लड़खड़ा जाना 

घबराहट के कारण: घबराहट के कई कारण होते है, उनमे से कुछ मुख्य निम्न है: 

  • तनावपूर्ण स्थिति में व्यक्ति के अंदर घबराहट सामान्य प्रतिक्रिया है. जैसे नौकरी के लिए इंटरव्यू या परीक्षा के दौरान घबराहट महसूस करना आम बात है. शादी के लिए लड़का या लड़की देखने के दौरान घबराहट होना। लेकिन कुछ लोगों में घबराहट का जोखिम ज्यादा होता है.
  • अज्ञात  भय,
  • आर्थिक समस्या, 
  • प्रेम मे धोखा
  • किसी अपने का बीमार होना।
  • किसी अपने प्रिय की मृत्यु हो जाना ।
  • कुछ लोगों के अंदर हमेशा विचार चलते रहते हैं. ऐसे लोग मानसिक रूप से खुद को शांत महसूस नहीं करते. इनका मूड भी लगातार बदलता रहता है. 
  • लंबे समय से दवाओं का सेवन
  • नशे की  लत
  • मानसिक विकार जैसे एडीएचडी ( ADHD = Attention Deficit Hyperactivity Disorder) की समस्या से ग्रसित लोग भी घबराहट के शिकार होते हैं.

अब हम आज की चर्चा के मुख्य भाग पर आते है कि मन घबराये तो क्या करे? इसके लिए कई रास्ते और उपाय है। इसमे आपकी सहूलियत के हिसाब कई प्रकार के उपाय बताए गए है जिसके बारे मे हम क्रमवार नीचे चर्चा करेंगे। 

1। घबराहट से बचाव के उपाय: 

घबराहट महसूस होने पर धीरे-धीरे सांस लें. उन बातों को ना सोचे जिससे आपका तनाव बढ़ता हो. ध्यान भटकाने के लिए संगीत, फिल्म या स्वस्थ आहार का सहारा लें. पर्याप्त नींद लें, अगर आप ठीक से नहीं सो पा रहे हैं तो अपने डॉक्टर से मिले

2। घबराहट मे क्या खाना चाहिए: 

घबराहट और बेचैनी यानि एन्जायटी होने पर जितना काम एलोपैथी दवा करती है, इसके समान ही फायदा सीताफल का सेवन करने से भी होता है। सीताफल का सेवन करने से दिमाग शांत हाेता है तो मन संतुलित अवस्था में आने लगता है। इस बात को शोध के जरिए साबित कर लिया गया है।

3। घबराहट मे क्या नहीं खाना चाहिए: 

  • शराब के सेवन से बचें कुछ लोग शराब सिर्फ इसलिए पीते हैं कि इससे चिंता दूर होती है। …
  • ​प्रोसेस्ड फूड से रहें दूर …
  • ​कैफीनयुक्त ड्रिंक्स से करें परहेज …
  • ​प्रोटीन रहित स्मूदी …
  • ​स्वीट ड्रिंक्स से बनाएं दूरी

4। घबराहट से मुक्ति के लिए कोन सा योग करना चाहिए: 

  • अनुलोम विलोम- ये प्राणायाम करने के लिए पीठ बिल्कुल सीधी करके बैठें. ...
  • बालासन- बालासन करने के लिए घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं और हाथों को जितना हो सके, आगे की तरफ खींचे. …
  • मार्जारीआसन- इसमें घुटनों के बल बैठकर पीठ को पीछे की तरफ झुकाते हैं.

5। घबराहट दूर करने के  मंत्र: जब भी हमारा मन घबराता है तो  हम सब से पहले भगवान को याद कराते है खास तौर से अपने इष्ट देव को। सही भी है भगवान ही हमारा सबसे बड़ा सहारा है। फिर भी कुछ निम्न मंत्र है जो घबराहट मे जाप करने से मन को शांति मिलती है: 

  • गायत्री मंत्र “ओम भुभूर्व: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात” का जाप करे इस मंत्र के. नियमित रूप से जाप करने से घबराहट दूर होती है और व्यक्ति के आसपास बुरी शक्तिया नही आती और ऊपरी बाधाए दूर हो जाती हैं। 
  • भगवान विष्णु का “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं. धर्मशास्त्रों के अनुसार विष्णु भगवान जगत के पालनहार माने जाते है. उनका स्वरूप शांत और आनंदमयी है इसलिए इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती हैं. इसके अलावा भी भगवान विष्णु के इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है. और मोक्ष की प्राप्ति होती हैं. इस मंत्र का जाप करने से पित्र दोष में भी राहत मिलती हैं. इस मंत्र का जाप नियमित रूप से सूर्यास्त के पहले करने से बहुत लाभ होता हैं.
  • गणेश गायत्री मंत्र का जाप: मन को शांत रखने के लिए और तनाव को दूर करने के लिए गणेश गायत्री मंत्र “ओम एकदन्ताय विहे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदिध प्रचोदयात” इस मंत्र का जाप नियमित 108 बार करने से मन को शांति मिलती हैं. 
  • हनुमान जी का मंत्र  “ओम हनुमंते नम:” भी घबराहट दूर करने के लिए शक्तिशाली माना जाता है. हमे जब भी भय और चिंता सताती हे या मन उदास होता है, डर लगता है तो सबसे पहले हनुमान जी को याद करते हैं. और इस स मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र का जाप नियमित रूप से करने से धीरे धीरे भय, चिंता, तनाव और आशंका मिटने लगेंगे और जीवन में खुशिया मिलेगी.

वैसे तो  आप उपरोक्त किसी भी मंत्र का जाप कभी भी कही भी कर सकते है लेकिन अगर संभव हो तो किसी पवित्र स्थान पर शुद्ध आसन बिछा कर रुद्राक्ष की माला से मंत्रोचार करे तो अच्छा रहता है। आशा है कि आपके पास आसन और रुद्राक्ष  की माला होगी ही। अगर नहीं है और आपको इसे प्राप्त करने मे कोई कठिनाई आए तो अभिमंत्रित रुद्राक्ष की माला और आसन प्राप्त करने के लिए +91 96100 20545 से संपर्क करके भी प्राप्त कर सकते है। 

सारांश : घबराहट एक भावना है जो सबको महसूस होती है। किसी को कम तो किसी को ज्यादा । ईश्वर हम सब को प्रसन्न रखे और किसी भी प्रकार की घबराहट से हमे बचाए। फिर भी अगर कभी मन घबराये तो उपरोक्त बताए हुये उपाय आजमाये अवश्य लाभ होगा। 

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