क्या करे जब बच्चे को मोबाइल की लत लग जाए

क्या करे जब बच्चे को मोबाइल की लत लग जाए

आजकल मोबाइल हर घर के हर सदस्य के पास हो गया है। घर का हर सदस्य बस हर वक़्त मोबाइल मे ही व्यस्त है। किसी को किसी से बात करने की फुर्सत नहीं है। बात अगर यहा तक ही सीमित है तो भी ठीक है, पर जब ये लत घर के बच्चो को लग जाए तो समस्या बहुत ही विकट रूप ले लेती है। बच्चा अपना खाना पीना , पढ़ना सब छोड़ कर बस मोबाइल मे ही मस्त हो जाता है। 

मैंने मेरे मिलने वाले के एक बेटे को देखा है वो अभी स्कूल भी जाना शुरू नहीं हुआ हे पर  मोबाइल चलाना सीख गया है। जब मोबाइल उसके पास होता है उस वक़्त कोई भी फोन आ जाए वो उसे काट देता है। कई बार ऐसा हुआ है की कुछ महत्वपूर्ण फोन के मेसेज उसके पिता को नहीं मिल पाये। 

ऐसे ही एक बच्ची है, वो भी मोबाइल की इतनी आदी हो गयी है कि जब भी मोका मिले वो मोबाइल ले कर बेठ जाती है। उस वक़्त उसे कुछ भी नहीं सूझता है। अगर उसे खाना खाने को कहे तो कहेगी कि बस ये आखिरी है कुछ ही सेकंड बचे है, और वो फिर से मोबाइल मे  व्यस्त हो जाती हे। खाना भी मोबाइल देखते हुये ही खाती है, यहा तक कि प्रातः बाथरूम मे फ्रेश होने के लिए भी मोबाइल साथ ले जाती है। अगर मोबाइल उस से ले लिया जाए तो गुस्सा हो जाती हे।  यहा तक कि उसको चश्मा भी लग गया है। 

ऐसे कई उदाहरण आपको कई परिवारों मे देखने को मिल जाएंगे । मोबाइल आजकल एक समस्या बनता जा रहा है। 

बच्चो  के मोबाइल के आदी होने के कारण:

  • जब से कोविड 19 कि वजह से लोकडाऊन लगा ओर बच्चो कि ऑनलाइन क्लासेस क्या शुरू हुयी इस से बच्चे मोबाईल के आदि हो गए। :
  • माता पिता का कुछ ज्यादा ही व्यस्त रहना।
  • घर के बड़ो का बच्चो पर ध्यान नहीं देना। 
  • माता पिता या दादा दादी द्वारा बच्चो को उचित प्यार नहीं मिलना। 
  • बच्चो के सामने माता पिता या दादा दादी द्वारा मोबाईले का ज्यादा उपयोग करना।

क्या करे कि बच्चे की मोबाइल लत छुट जाए: 

  • बच्चे के सामने आप स्वयं मोबाइल का उपयोग कम करे, जरूरी होने पर ही मोबाइल का बच्चे के सामने उपयोग करे। 
  • आप उसे रोज पार्क या कही बाहर घूमाने ले जाएं।  
  • उसे उसके दोस्‍तों के साथ खेलने के लिए प्रेरित करें. 
  • फोन से होने वाले नुकसानों के बारे में बताएं. उसे यह समझाने की कोशिश करें कि फोन का इस्‍तेमाल कितना हानिकारक होता है.। 
  • बच्चे को मोबाइल की जगह कोई पालतू पशु लाकर दें, इससे बच्चे उनमें उलझा रहेगा और उसका ध्यान मोबाइल की तरफ नहीं जाएगा। 
  • अगर बच्चे को पेंटिंग, डांस, म्यूजिक का शौक है तो क्लासेज जॉइन कराएं ताकि बच्चा इसमें इतना बिजी रहे कि मोबाइल की तरफ उसका ध्यान ही ना जाए.
  • खाना खाते समय, पढ़ते समय, सोते समय या बाहर जाने या खेलने के समय पर स्‍मार्टफोन बिलकुल न दें.
  • जब आपका काम हो जाए तो आप इंटरनेट या वाइफाई को बंद करें. ऐसा करने से बच्‍चे हर वक्‍त इंटरनेट जोन में नहीं रहेंगे और मोबाइल का इस्‍तेमाल नहीं कर पाएंगे.
  • घर में प्रयास करें कि अच्‍छा माहौल रहे और आप आपस में क्‍वालिटी फैमिली टाइम बिताएं. आप एक दूसरे के साथ मजाक करें, साथ में बदमाशी करें, फनी फेस कॉम्‍पेटिशन आदि करें या घर का डेकोरेशन आदि प्‍लान करें. बच्‍चों को इसमें खूब इनवॉल्‍व करें.

सारांश : 

जब हम ऊपर बताए हुये उपायो को काम मे लेंगे तो बच्चा धीरे धीरे मोबाइल एडिक्शन (लत) से बाहर निकल जाएगा। हा ये बात भी सही है कि ये इतना आसान भी नहीं है। हमे बहुत ही संयम के साथ बच्चे को मोबाइल की लत छुड़ानी है इसमे वक़्त लगेगा पर हिम्मत नहीं हारे सफलता जरूर मिलेगी । 

आपने महान कवी वृन्द द्वारा लिखित दोहा तो पढ़ा ही होगा कि:

 करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात तें, सिल पर परत निसान।।

इसका अर्थ  ये हे कि – कुए से पानी खींचने के लिए बर्तन से बाँधी हुई रस्सी कुए के किनारे पर रखे हुए पत्थर से बार -बार रगड़ खाने से पत्थर पर भी निशान बन जाते हैं। ठीक इसी प्रकार बार -बार अभ्यास करने से मंद बुद्धि व्यक्ति भी कई नई बातें सीख कर उनका जानकार हो जाता है।

तो हमारा बच्चा भी जरूर एक दिन मोबाईल की  लत से बाहर निकल जाएगा बस हमको हिम्मत नहीं  हारनी है कोशिश करते रहना है। 

 

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