कैसे पाएं हनुमान जी की कृपा?

कैसे पाएं हनुमान जी की कृपा

हनुमान जी महाराज की कृपा अपरंपार है । हनुमान जी महाराज कृपा निधान है । जिस व्यक्ति पर हनुमान जी महाराज की कृपा हो गयी समझो उसके वारे न्यारे हो गये। पर प्रश्न यह उठता है कि हमे हनुमान जी महाराज की कृपा कैसे प्राप्त हो? यह कोई वस्तु तो है नही कि बाजार गये और पैसे देकर कृपा खरीद लाये या मंदिर गये और हनुमान जी महाराज को दस रू का नोट चढ़ा आये और सोचने लग गये कि अब हनुमान जी महाराज जी कृपा हम पर बरसने लग जायेगी । हम मे से कई लोग हनुमान जी महाराज की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं व मन ही सोचते रहते हैं कि किस प्रकार आज झूठ बोल कर या सामने वाले को बुध्धु बना कर पैसा कमाया जाये या मंदिर मे हनुमान जी महाराज को प्रणाम कर रहे हैं और उसी वक्त अगर कोई सुंदर महिला मंदिर मे पुजा कर रही हो तो सोचने लग जाते हैं कि काश यह महिला मुझे मिल जाये या मंदिर मे हनुमान जी की पुजा कर रहे हैं व साथ ही साथ शाम को दोस्तों के साथ मांस मदिरा की पार्टी करने का सोच रहे इत्यादि इत्यादि…. ….

कैसे पाएं हनुमान जी की कृपा? - 27 SEPTEMBER 2022: कैसे पाएं हनुमान जी की कृपा? in the post bajrang bali ki jay image. (Photo by Canva.com) - Provided by https://bigfinder.co.in/

ये बात सही है कि हनुमान जी महाराज कृपा निधान है, मन से भी बहुत भोले है । वो आपकी भक्ति मे कितनी श्रद्धा है यह देखते वो यह नही देखते कि कोन उनको दिपक प्रज्ज्वलित करता है और कोन उस दिपक को खंडित करता है?  वो तो बस यह दैखते है कि कोन उनके दर्शन रोज करता है? आपने उन दो भक्तो की कहानी सुनी होगी कि दो लोग थे उन दोनो मे से एक उनके गॉव मे पहाड़ी पर स्थित हनुमान जी के मंदिर मे जाकर दीप प्रज्ज्वलित करता था और दुसरा रोज उसके पीछे पीछे जाकर उस दीपक को खंडित कर देता था । ये क्रम रोज चलता था, हनुमान जी महाराज दोनो के इस नियम पर मुस्कराते रहते थे । एक दिन खुब बारिश हुयी, आंधी तूफान भी आये तो दीपक प्रज्ज्वलित करने वाला भक्त हनुमान जी के दीपक प्रज्ज्वलित करने नही गया पर दुसरा भक्त बारिश मे भीगते हुये, आंधी तूफान की परवाह किये बगैर दीपक खंडित करने पहुंच गया । ये देख कर हनुमान महाराज बहुत प्रसन्न हुये और प्रकट होकर दीपक खंडित करने वाले भक्त से बोले कि तू मैरा सच्चा भक्त है कि बारिश, आंधी तूफान की परवाह किये बगैर तु मैरे दर्शन करने आ गया । तेरी भावना सच्ची है, आज से तु मैरी कृपा का पात्र है । इस कहानी से मै यह नही कहना चाह रहा हूँ कि आप भी मंदिर मे जाकर दिपक खंडित करना शुरू कर दैवे । इस कहानी का संदर्भ इसलिये यहा दिया है कि हनुमान जी महाराज बहुत ही भोले है। वो देखते है कि आप कौनसा काम शिद्दत से करते हैं । और कोई भी शिद्दत से किया गया काम कभी भी व्यर्थ नही जाता है, शिद्दत से किये काम ( हनुमान जी की सेवा, आराधना) से आपको हनुमान जी की कृपा अवश्य मिलती है ।

अब यह तो हमे पता चल गया कि हनुमान जी महाराज कृपा निधान है पर बात अभी भी वही की वही है कि हनुमान जी महाराज जी की कृपा कैसे प्राप्त हो? हनुमान जी महाराज की कृपा प्राप्त करने के लिए अनेको उपाय हैै उनमे से कुछ तो उपाय निम्न है ।

  • जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हनुमान जी महाराज रामजी महाराज के सेवक है अतः जब वो रामजी की सेवा मे हो तो हमे उनको बिलकुल भी डिस्ट्रब नही करना चाहिए । राम जी की सेवा का समय प्रातःकाल,संध्या काल, का मुख्य है । अतः हम जो हनुमान जी महाराज की कृपा प्राप्त करने का उपाय कर रहे वो ये समय टाल कर करे तो हनुमान जी महाराज तक हमारी अर्जी सही तरीके से लग जायेगी ।
  • मन, वचन और कर्म से पवित्र रहेंअर्थात कभी भी झूठ न बोलें। किसी का दिल न दुखाए .
  • किसी भी प्रकार का नशा न करें, मांस न खाएं और अपने परिवार के सदस्यों से प्रेमपूर्ण संबंध बनाए रखें।
  • रोज हनुमान चालीसा का पाठ नियमित रूप से सुबह 00 बजे बाद, शाम को 8.00 बजे बाद करे । दोपहर मे भी आप हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं । हनुमान चालीसा का पाठ वैसे तो लाल कपड़े पहन कर, लाल आसन पर बैठ करे तो उत्तम रहता है । पर आप अपनी सुविधानुसार केसे भी कर सकते है, बस भावना सच्ची होनी चाहिए।
  • संकट मोचन, बजरंग बाण,  श्रीहनुमान वडवानल स्तोत्र, या हनुमानाष्टक का पाठ करें।
  • अगर संभव हो तो रोज हनुमान जी के दर्शक्न करने किसी भी मंदिर मे जाए।
  • गेहूं के आटे में गुड़, इलायची, नारियल का बूरा, घी, दूध मिलाकर इस रोटी को बना कर . हनुमान जी को मंगलवार और शनिवार के दिन भी मीठी रोटी का भोग लगाये। . आप इसे सेंककर रोटी जैसा बनाकर या पूरियों की तरह तलकर भी हनुमान जी को प्रसाद के रूप में अर्पित कर सकते हैं. हनुमान जी को गुड़ और चना बहुत प्रिय है.
  • अगर रोज हनुमान जी के मंदिर नहीं जा सकते हे तो मंगलवार कोहनुमान मंदिर जाये ओर वहां जाकर राम नाम का जाप करें। …
  • यदि संभव हो तो मंगलवार का व्रत रखें और गरीबों को भोजन कराएं। …
  • मंगलवार के दिनहनुमान जी को चोला चढ़ाएं,
  • मंगलवार के दिन हनुमान जी को ध्वजा चदाए।
  • मंगलवार के दिन रात्री 00 बजे बाद लाल कपड़े,पहन कर लाल आसन पर बैठ कर सुंदरकांड का पाठ करे।
  • हनुमान जीस्वयं की प्रार्थना से उतने प्रसन्न नहीं होते , जितने कि “श्रीराम” की प्रार्थना से . – जीवन में किसी भी समस्या के निवारण के लिए पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से “राम-राम” लिखकर हनुमान जी को अर्पित करें . – इसके बाद अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें
  • पान का बीड़ा, गुलाब की माला, चदाए
  • बूंदी के प्रसाद का भोग लगाए ..
  • सरसों के तेल का दियाप्रज्ज्वलित करे।
  • कुछ निम्न हनुमान जी के मंत्र हे जिनके पाठ से भी हनुमान जी की कृपा प्राप्त करी जा सकती है:
  1. ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा . – नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः
  2. ॐ श्री बीर महाबीर पाहिमाम ।
  3. जय श्री राम, जय हनुमान ।
  4. ॐ श्री हनुमते नम:।। ॐ हं हनुमते नम:।। श्री राम दूताय नम:।। ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः।।
  • हर मंगलवार और शनिवार को किसी भीहनुमान मंदिर में 11 काले उड़द के दाने, सिंदूर, चमेली का तेल, फूल, प्रसाद अर्पित करने से भी हनुमान जी की कृपा प्राप्त करी जा सकती है।

सारांश : जो भी उपरोक्त उपाय बताए गए है वो जरूरी नहीं की आपको सारे के सारे करने है । इन मे से आप अपनी सुविधानुसार ओर अपनी समस्या की तीव्रता अनुसार कर सकते है। ओर अगर कुछ भी नहीं कर सकते हे तो कम से कम हनुमान चालीसा का पाठ सच्चे मन से जरूर करे । अगर वो भी नहीं कर सके तो जय श्री राम, जय हनुमान का पाठ ही कर ले। जेसा कि मीने पहले भी कहा हे कि हनुमान  जी महाराज दिल के बहुत ही भोले हे। वो तो बस आपकी भावना देखते हे, अब आप चाहे दीपक प्रज्ज्वलित करने वाले हो या खंडित करने वाले…………..

कुछ लोग कहते हे कि हम सब कुछ कर रहे हे पर हमारी मनोकामना पूरी नहीं हो रही हे तो मनोकामनाओं का पूर्ण होना हमारे चाहने भर पर निर्भर नहीं करता इसके लिए कुंडली में ग्रहों की सही दिशा का होना भी आवश्यक है। यदि एकादश ब्रहस्पति आपकी प्रश्न कुंडली में शुभ होकर स्थापित हो जाते हैं तो आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी। कुंडली में लग्नेश का शुभ स्थिति में होना मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए जरूरी है। वैसे तो आप अपने किसी भी विश्वासपात्र ज्योतिष के जानकार को अपनी कुंडली दिखा कर वस्तु स्थिति का पता कर सकते हे, अगर आप किसी को नहीं जानते हे तो ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित आनंद शर्मा से मोबाइल नंबर 7417590757 से कुंडली विश्लेषण करवा सकते हैं । ये कोई उनका प्रचार नही है सिर्फ आपकी सूचनार्थ व सुविधा के लिए ये नंबर शेयर किया जा रहा है । 

मे एक बात यहा स्पष्ट करना चाहूँगा की जो भी उपरोक्त उपाय बताए गए हे हनुमान जी महाराज की कृपा प्राप्त करने के लिए उन्हे जरूर अपनी सुविधानुसार करे पर उसके साथ साथ उद्यम करना नहीं छोड़े। ऐसा नहीं करे कि हम सब कुछ हनुमान जी महाराज पर छोड़ के उद्यम करना बंद कर देवे। कर्म  तो हमे करना ही पड़ेगा। हमारे कर्म को फलीभूत करने मे  उपरोक्त उपाय हमे मदद करेंगे। 

हनुमान जी महाराज की कृपा हम सब पर बनी रहे ये ही प्रार्थना है प्रभु श्री राम से ।

जय श्री राम, जय हनुमान

ये भी पढ़े: 

·         क्या हनुमान जी ऋण मोचक है?

·         गायत्री मंत्र की महिमा का वर्णन कीजिये

·         गायत्री मंत्र की महिमा मेरे जीवन मे

·         महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई

·         मानसिक कार्य करने वाले व्यक्ति को प्रतिदिन कितने घंटे सोना चाहिए?

·         बिक्री की कला से दस गुना करे अपनी बिक्री

·         मर्चेंडाइजिंग क्या है? इसके द्वारा केसे बढ़ाये अपनी बिक्री?

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2022 Bigfinder - WordPress Theme by WPEnjoy