क्या हनुमान जी ऋण मोचक है?

क्या हनुमान जी ऋण मोचक है?

प्रश्न बहुत गंभीर है क्या हनुमान जी ऋण मोचक है? अर्थात क्या हनुमान जी की आराधना से ऋण मुक्ति संभव है। आज इस ही विषय पर मैं विस्तार पूर्वक चर्चा करूँगा। विषय बहुत गंभीर है इसलिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें और अपने मित्रों को शेयर भी करें।

क्या हनुमान जी ऋण मोचक है? - 27 SEPTEMBER 2022: क्या हनुमान जी ऋण मोचक है? in the post bajrang bali ki jay image. (Photo by Canva.com) - Provided by https://bigfinder.co.in/

आजकल ऋण लिये बिना किसी का गुजारा तो होता नही है। कोई घर के लिये ऋण ले रहा है तो कोई वाहन के लिए तो कोई व्यापार के लिये या किसी और वजह से पर ऋण ले जरूर रहा है। ऋण लेना आसान भी बहुत हो गया है । हर कोई बैंक, फॉ़यनेंस कंपनी, यहॉ तक की प्राइवेट लोग भी ऋण देने के लिए तैयार बैठे हैं। परन्तु बहुत बार ये ऋण हमारे लिए सबसे बड़ा संकट बन जाता है।

यदि हमारी आमदनी पर कोई संकट आ जाये तो ऋण चुकाना उतना सरल या आसान नही रहता। हम वैसे तो ऋण चुकाने के लिये पुरी प्लानिंग करते हैं पर कई बार परिस्थितियों नही चाहते हुये भी विपरीत हो जाती है और हम पर ऋण बढ़ता जाता है । तब हम अपने अपने विश्वास अनुसार देवी देवताओ को याद करते है कि वो हमे ऋण से मुक्ति दिलाये ।

यू तो सभी भगवान आपकी श्रध्दा अनुसार ऋण के मोचक है पर हनुमान जी महाराज का नाम ऋण मोचक के रूप मे विशेष रूप से लिया जाता है । हनुमान जी महाराज रामजी के सेवक है और वे राम जी की कृपा से हमारे ऋण के मोचक है । वैसे अगर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाये तो जिनकी कुंडली मे लग्न के छठे भाव या ग्यारहवें भाव या बारहवें भाव या तृतीय भाव मे मंगल बैठे हो तो वो व्यक्ति अक्सर ऋण से ग्रस्त हो जाता है। 

रोजगार बढ़िया चले आमदनी बढ़िया हो तो ऋण आसानी से चुकाया जा सकता है। बेहतर रोजगार के लिये शनि का सही होना अत्यंत आवश्यक है। इसका मतलब ये हुआ की यदि हमको यदि ऋण से मुक्त होना है तो शनिदेव और मंगलदेव दोनों की कृपा की आवश्यकता है। इन दोनों ग्रहों के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए हमको हनुमान जी को प्रसन्न करना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए हनुमान जी को ऋण मोचक भी कहा जाता है।

अगर आप को यह पता नही है कि आपकी जन्मकुंडली मे लग्न के लग्न के छठे भाव या ग्यारहवें भाव या बारहवें भाव या तृतीय भाव मे मंगल है या नही तो आप मोबाइल नंबर +91 74175 90757 पर ज्योतिष विशेषज्ञ  श्री आनंद शर्मा जी से संपर्क कर सकते हैं । 

अब जब यह तय हो गया कि हनुमान जी महाराज ऋण मोचक देवता है तो क्या करे कि हमे हनुमान महाराज की कृपा मिल जाये और हमे हमारे ऋण से मुक्ति मिल जाय? हम एक एक कर यहा विभिन्न हनुमान जी महाराज की कृपा द्वारा ऋण मोचक उपायो के बारे मे चर्चा करेंगे:

सर्व प्रथम हम चर्चा करेंगे

  • ऋण मोचन अंगारक स्तोत्रम ।इसका नियमित पाठ करने से जातक ऋण मुक्त हो जाता है ऐसी मान्यता है ।अगर नियमित पाठ नही कर सके तो मंगलवार के दिन इस स्तोत्र का पाठ करने से ऋण से मुक्ति मिलने की मान्यता है ।

यह स्त्रोत निम्न प्रकार है :

ऋणग्रस्तनराणां तु ऋणमुक्तिः कथं भवेत् ।

ब्रह्मोवाच ।

वक्ष्येऽहं सर्वलोकानां हितार्थं हितकामदम् ।

अस्य श्री अङ्गारकमहामन्त्रस्य गौतम ऋषिः ।

अनुष्टुप्छन्दः । अङ्गारको देवता ।

ध्यानम् ।

रक्तमाल्याम्बरधरः शूलशक्तिगदाधरः ।

चतुर्भुजो मेषगतो वरदश्च धरासुतः ॥ १॥

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः ।

स्थिरासनो महाकायो सर्वकामफलप्रदः ॥ २॥

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः ।

धरात्मजः कुजो भौमो भूमिदो भूमिनन्दनः ॥ ३॥

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः ।

सृष्टेः कर्ता च हर्ता च सर्वदेशैश्च पूजितः ॥ ४॥

एतानि कुजनामानि नित्यं यः प्रयतः पठेत् ।

ऋणं न जायते तस्य श्रियं प्राप्नोत्यसंशयः ॥ ५॥

अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल ।

नमोऽस्तु ते ममाशेषं ऋणमाशु विनाशय ॥ ६॥

रक्तगन्धैश्च पुष्पैश्च धूपदीपैर्गुडोदनैः ।

मङ्गलं पूजयित्वा तु मङ्गलाहनि सर्वदा ॥ ७॥

एकविंशति नामानि पठित्वा तु तदन्तिके ।

ऋणरेखा प्रकर्तव्या अङ्गारेण तदग्रतः ॥ ८॥

ताश्च प्रमार्जयेन्नित्यं वामपादेन संस्मरन् ।

एवं कृते न सन्देहः ऋणान्मुक्तः सुखी भवेत् ॥ ९॥

महतीं श्रियमाप्नोति धनदेन समो भवेत् ।

भूमिं च लभते विद्वान् पुत्रानायुश्च विन्दति ॥ १०॥

मूलमन्त्रः।

अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल ।

नमस्तेऽस्तु महाभाग ऋणमाशु विनाशय ॥ ११॥

अर्घ्यम् । भूमिपुत्र महातेजः स्वेदोद्भव पिनाकिनः ।

ऋणार्थस्त्वां प्रपन्नोऽस्मि गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते ॥ १२॥

इति ऋणमोचन अङ्गारकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

  • आप चाहे तो निम्नऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ भी दिन मे अपनी सुविधानुसार 1, 11, 21 बार कर सकते हैं । ऐसी मान्यता है कि इस पाठ के करने से 6 से 12 महीने मे ऋण से मुक्ति मिल जाती है :

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।

स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।

धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।

व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।

एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।

ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।

कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।

न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।

त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।

भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।

तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।।

तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।

ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।

महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा।।

।। इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ कैसे करें ?

  1. सर्वप्रथम नहा धोकर स्वच्छ हो जाएँ।
  2. अब एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
  3. उसके बाद उस चौकी पर श्री हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें।
  4. अब अपने बाएं हाथ की तरफ देशी घी का दीपक जलाएं।
  5. दाएं हाथ की तरफ तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  6. अब हनुमान जी को गुड़ व चना अर्पित करें।
  7. अब श्रद्धापूर्वक श्री ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
  8. पाठ संपन्न होने पर हनुमान जी की आरती करें।
  9. अंत में हनुमान जी से आशीर्वाद ग्रहण करें।
  • मंगलवार के दिन ऋण मुक्ति के लिये औम् हनुमते नमः मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए । ऐसा करने से हनुमान जी महाराज की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है । वैसे तो 108 बार मंत्र का जाप कैसे भी किया जा सकता है, पर अगर रुद्राक्ष की माला से जाप करे तो अच्छा रहता है ।अगर आपके पास रुद्राक्ष की माला है तो उत्तम, अगर नही है और इसे प्राप्त करने मे दिक्कत आ रही है तो मोबाइल नंबर +91 96100 20545 पर संपर्क वाट्सअप या फोन करके अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला प्राप्त करी जा सकती है । 
  • मंगलवार के दिन लाल आसन पर लाल कपड़े पहन कर रात्रि मे 00 बजे बाद सुंदरकांड का पाठ करने से भी ऋण से मुक्ति मिल सकती है व सारे कष्ट दूर होते हैं ऐसी मान्यता है । मैने यू ट्यूब पर एक विडियो देखा जिसे पं आनंद शर्मा जो कि स्वयं ज्योतिष के विशेषज्ञ है ने बनाया है। इस विडियो मे बताया गया है कि कैसे एक व्यक्ति ने सुंदरकांड व गायत्री मंत्र का पाठ करके आठ करोड़ का ऋण (कर्ज) चुकाया । मुझे लगता है कि आपको भी ये विडियो देखना चाहिये । मै उस विडियो की लिंक आपके अवलोकन के लिये दे रहा हूँ – https://youtu.be/ExW4QtuJBrU
  • मंगलवार के दिन ही एक नारियल लेकर उसे अपने सिर के ऊपर से सात बार घुमा कर किसी भी हनुमान मंदिर मे रख आये। इस उपाय से ऋण मुक्ती के साथ साथ धन वृद्धि भी होती हे ऐसी मान्यता हे।

सारांश : जब हमको पता लग गया है कि हनुमान जी महाराज ही ऋण मोचक देवता है तो उपर बताये गये उपायो का अनुसरण करके हम ऋण से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं । मुख्य मुद्दा है कि हनुमान जी महाराज की कृपा हम पर बनी रहे, इसके लिये हम उपरोक्त उपायो के अलावा हनुमान चालीसा, बजरंग बाण इत्यादि का भी पाठ कर सकते हैं । पर हमे एक बात का विशेष ध्यान रखना है कि जो भी उपाय हनुमान जी महाराज की कृपा प्राप्त करके ऋण मुक्ति के बताये गये हैं उनके अनुसरण के साथ साथ हमे धन अर्जन के लिये प्रयत्न भी करने पड़ेगे । ऐसा नही है कि हम सिर्फ उपरोक्त उपाय करते रहे और आशा करे कि हनुमान महाराज आयेंगे हमे हमारे ऋण से मुक्ति दिला देंगे, हमे ऋण मुक्ति व धन अर्जन करने के लिये प्रयत्न भी करने पड़ेगे तब ही हनुमान जी महाराज की कृपा हम पर बरसेगी ।

हनुमान महाराज हम सबका भला करे ।

    जय श्री राम जय हनुमान  

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